Unit VI (Health)
Unit VII (Organizaitons and Misc)
Unit VIII (Energy)
Unit IX (Environment)
Unit X (Geology)

Unit II - Chemistry

Syllabus and Study Resources (NCERT) 

तत्व, यौगिक और मिश्रणः- परिभाषा, रासायनिक प्रतीक, गुण, पृथ्वी पर उपलब्धता। Element, Compound and Mixture:- Definition, Chemical Symbols, Properties, Availability on the Earth. Chapter 01, 02 Science IX

पदार्थ, धातुएँ और अधातुएँ, आवर्त-सारणी एवं आवर्तता। Material: - Metals and Non Metals, Periodic Table and Periodicity. Chapter 04 Science VIII, Chapter 05 Science X

परमाणु, परमाणु-संरचना, संयोजकता, बंध, परमाणु-संलयन और विखंडन। Atom, Atomic Structure, Valancy, Bonding, Nuclear Fusion and Fission. Chapter 03, 04 Science IX, Chapter 13 Physics Class 12 (II)

अम्ल, क्षार और लवण, पीएच. मान सूचक। Acids, Bases and Salts. pH Value Indicators. Chapter 05 Science VII, Chapter 02 Science X

भौतिक और रासायनिक परिवर्तन। Physical and Chemical Changes. Chapter 06 Science VII

दैनिक जीवन में रसायन। Chemistry in daily life. Chapter 16 Chemistry Class 12 (Part II)

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रसायन विज्ञान (Chemistry)

Kindle Edition

तत्‍व, और परमाणु की अवधारणा

तत्‍व: तत्‍व एक शुद्ध पदार्थ है, परन्‍तु शुद्धता का आशय यहॉ मलिनता या अपिवत्रीकरण से नहीं है। शुद्धता का आशय है कि ऐसा पदार्थ जो केवल एक ही तरह के परमाणुओं से निर्मित है। अभी तक कुल 118 तत्‍व खोजे जा चुके हैं, जिनमें से 94 प्राकृतिक रूप से विद्यमान हैं और शेष को संश्‍लेषण के माध्‍यम से तैयार किया गया है।

 

तत्‍व के उदाहरण हैं, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, आक्सीजन, कार्बन, सोडियम, पोटेशियम, क्‍लोरीन, सिलिकॉन आदि। परन्‍तु, पानी, नमक, चीनी आदि तत्‍व नहीं हैं, ये यौगिक हैं, परन्‍तु ये मिश्रण नहीं हैं, क्‍योंकि न सिर्फ ये सब दो या दो से अधिक तत्‍वों से मिलकर बने हैं, बल्कि इनके घटक तत्‍वों के द्रव्‍यमान का अनुपात इन यौगिकों के समस्‍त नमूनों में समान है। उदाहरणार्थ, पानी हाईड्रोजन और ऑक्‍सीजन से मिलकर बना है और शुद्ध पानी में हाईड्रोजन और ऑक्‍सीजन के परमाणविक द्रव्‍यमान का अनुपात समान रहता है, चाहे पानी कहीं से भी लिया गया हो; इसी प्रकार नमक, सोडियम और क्‍लोरीन से मिलकर बना है। शुद्ध नमक में सोडियम और क्‍लोरीन के परमाणविक द्रव्‍यमान का अनुपात समान रहता है, चाहे नमक कहीं से भी लिया गया हो; चीनी, कार्बन, हाईड्रोजन और ऑक्‍सीजन से मिलकर बनी है। चीनी में कार्बन, हाईड्रोजन और ऑक्‍सीजन के परमाणविक द्रव्‍यमान का अनुपात समान रहता है, चाहे चीनी किसी भी शुगर मिल में बनी हो।

परन्‍तु पानी में नमक या चीनी का घोल एक मिश्रण का उदाहरण है, क्‍योंकि इनके घटकों (अर्थात पानी, नमक और चीनी) की मात्रा में इच्‍छानुसार परिवर्तन किया जा सकता है। किसी तत्व में एक परमाणु सबसे छोटा कण होता है जिसमें तत्व के सम्‍पूर्ण गुण होते हैं। इस प्रकार परमाणु किसी भी पदार्थ का निर्माण खण्‍ड (building block) हैं। यह किसी भी तत्‍व का ऐसा सबसे छोटा कण है, जो एक रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है।

यौगिक: दो या दो से अधिक तत्‍वों के रासायनिक रूप से अभिक्रिया करनेे पर एक एक यौगिक बनता है. कार्बन डाई ऑक्‍साईड, मीथेन, जल, नमक, चीनी आदि यौगिक के उदाहरण हैं। इसे हम इस प्रकार भी कहते हैं कि एक यौगिक वह पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्‍वों के नियत अनुपात में रसायनिक तौर पर संयोजन से बनता है।

जब दो या दो से अधिक तत्व किसी यौगिक के निर्माण हेतु जुड़ते हैं, घटक परमाणु अपने व्यक्तिगत गुणधर्मों को खो देते हैं, उदाहरणार्थ: जल के घटक ऑक्‍सीजन और हाईड्रोजन रासायनिक क्रिया उपरान्‍त जल में बदल जाने पर अपने व्यक्तिगत गुणधर्मों को खो देते हैं, आप पानी में सांस नहीं ले सकते हैं, भले ही उसका एक घटक ऑक्‍सीजन है (मछलियॉ भी अपने गलफड़ों से सांस के लिये पानी में उपलब्‍ध उसके घटक ऑक्‍सीजन का उपयोग नहीं कर सकती हैं, वे पानी में घुली हुई ऑक्‍सीजन का उपयोग करती हैं)।

इस प्रकार तत्व और यौगिक प्रकृति में पाये जाने वाले शुद्ध रासायनिक पदार्थ हैं. एक तत्व और एक यौगिक के बीच का अंतर यह है कि एक यौगिक निश्चित अनुपात में विभिन्न तत्वों से बनता है जबकि एक तत्व ऐसा पदार्थ है जो एक ही प्रकार के परमाणुओं से बना है। दो यौगिकों के मध्‍य रसायनिक प्रतिक्रिया से पुन: एक नये यौगिक का निर्माण होता है, उदाहरणार्थ, अमोनिया गैस वास्‍तव में नाईट्रोजन और हाईड्रोजन का यौगिक है, परन्‍तु इसी अमोनिया के जब पानी में घोला जाता है तो एक नये यौगिक अमोनियम हाईड्रॉक्‍साईड का निर्माण होता है।

तत्‍वों का नामकरण

त्‍वों के नामकरण का कार्य एक वैश्विक संस्‍था इंटरनेशनल यूनियन ऑव प्‍योर एंड एप्‍लाईड केमिस्‍ट्री (IUPAC = International Union of Pure and Applied Chemistry) द्वारा किया जाता है। तत्‍वों के नामों के प्रतीक उन तत्‍वों के अंग्रेजी नामों के एक या दो अक्षरों से बनाया जाता है, जिसमें पहले अक्षर को सदैव बड़े अक्षर (capital letter) और दूसरे अक्षर को, यदि है तो, छोटे अक्षर (small letter) में लिखा जाता है। उदाहरणार्थ: हाईड्रोजन के लिये H, कार्बन के लिये C, आक्‍सीजन के लिये O, सल्‍फर के लिये S, कोबाल्‍ट के लिये Co.

कुछ तत्‍वों के प्रतीकों को उनके अंग्रेजी नामों के प्रथम अक्षर तथा बाद में आने वाले किसी सुसंगत अक्षर को जोड़कर बनाते हैं, यथा क्‍लोरीन (Cl), जिंक (Zn), ब्रोमीन (Br) आदि

अनेक तत्‍वों के प्रतीकों को लेटिन, जर्मन या ग्रीक भाषाओं में उनके नामों से बनाया गया है, उदाहरणार्थ, लौह (Iron) का लेटिन नाम है Ferrum, जिससे लौह का प्रतीक Fe बनाया गया है। इसी प्रकार सोडियम व पोटेशियम के प्रतीक क्रमश: Na व K हैं।

 
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रसायन विज्ञान (Chemistry)

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मिश्रण: दो या दो से अधिक पदार्थ जब बिना किसी रासायनिक अभिक्रिया के मिलते हैं, मिश्रण कहलाते हैं। उदाहरणार्थ, पानी में नमक या चीनी कितनी भी मात्रा या किसी भी अनुपात में मिलाया जाए, वे मिश्रण में अपनी पहचान और उपस्थिति क़ायम रखते हैं। महत्‍वपूर्ण यह है कि एक मिश्रण में समस्‍त घटकों की अपनी पहचान क़ायम रहती है, उदाहरण के लिये, दूध एक मिश्रण है जल, वसा, प्रोटीन आदि का।

 

मिश्रण तीन प्रकार के होते हैं, विलयन, निलम्‍बन और कोलाईड विलयन

विलयन (Solution): विलयन दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी (homogeneous) मिश्रण है. पानी में चीनी या नमक या नींबू या सोडा आदि का मिश्रण विलयन के उदाहरण हैं. एक विलयन के कणों में समांगिकता (homogeneity) होती है. प्रायः एक विलयन के घटक पदार्थों की कोई भी अवस्‍था हो सकती है. परन्‍तु सामान्‍यत: हम विलयन का ऐसे तरल पदार्थ के रूप में ही कल्‍पना करते हैं जिसमें ठोस, द्रव या गैस का मिश्रण हो, परन्‍तु हमारे चारों ओर ठोस विलयन (मिश्र धातु) और गैसीय विलयन (वायु) भी उपस्थित हैं.

विलयन के तीन अवयव होते हैं. इसको ऐसे समझें. पानी में जब हमें नमक को घोलना होता है, हमारे पास तीन पदार्थों उपलब्‍ध है: पानी, नमक एवं नमक मिला हुआ पानी. इसमें नमक मिश्रित पानी को ‘’विलयन  (solution)’’ कहा जाऐगा. अर्थात नमक मिश्रित पानी वाले विलयन के दो मूल घटक हुये, नमक एवं पानी. अर्थात किसी विलयन को हम दो भागों अर्थात ‘‘विलायक’’ और ‘’विलय’’ में विभाजित कर सकते हैं. विलयन का वह घटक जिसकी मात्रा दूसरे घटक से अधिक होती है, और जो दूसरे घटक को विलयन में मिलाता है, ‘’विलायक (solvent)’’ कहलाता है. विलयन का वह घटक जो सामान्‍यत: कम मात्रा में होता है, और विलायक में घुला होता है, ‘’विलेय (solute)’’ कहलाता है. अर्थात उपरोक्‍त नमक मिश्रित पानी में नमक मिश्रित पानी ‘’विलयन  (solution)’’ है, पानी ‘’विलायक (solvent)’’ है और नमक ‘’विलेय (solute)’’ है.

निलम्‍बन (Suspension):  ऐसे दो या दो से अधिक घटकों का विषमांगी (Non-homogeneous) घोल जिसमें ठोस पदार्थ द्रव पदार्थ में परिक्षेपित (disperse) हो जाता है, निलंबन कहलाता है. स्‍पष्‍ट है कि निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है, जिसमें विलेय पदार्थ कण घुलते नहीं हैं बल्कि घोल में नीचे बैठ जाते हैं या घोल को किसी चम्‍मच आदि से हिलाने पर (stirring) में ये कण घोल में घूमते हुये स्‍पष्‍ट दिखाई देते हैं.

 

कोलाईड विलयन (Colloidal Solution): कोलाइडयन विलयन एक विषमांगी मिश्रण हैं जिसमें (विलेय) पदार्थ के कणों का आकार, शुद्ध विलयन और निलम्‍बन के मध्‍य यानी 1-1000 एनएम (nanometer) होता है. आग से उठने वाला धुआँ कोलाइडयन प्रणाली का उपयुक्‍त उदाहरण है, जहॉ हवा में ठोस पदार्थ छोटे छोटे कणों में तैरते हैं. शुद्ध विलयन की ही तरह, कोलाइडयन कण अत्‍यंत छोटे होते हैं और आखों से नहीं देखे जा सकते हैं. कोलाइड की विशेषता यह है कि ये कण विलयन में समान रूप से फैले हुये होते हैं. दूसरी विशेषता यह है कि कोलाइड में निलंबन की अपेक्षा कणों का आकार छोटा होने के कारण यह मिश्रण प्रथमद्रष्‍टया समांगी प्रतीत होता है, लेकिन वास्तविकता में विलयन विषमांगी मिश्रण है. कोलाइड की एक अन्‍य विशेषता यह है कि ये कण प्रकाश की किरण को आसानी से फैला देते हैं, और प्रकाश की किरण का फैलाना टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect) के नाम से जाना जाता है, क्‍योंकि इसकी खोज टिंडल नामक वैज्ञानिक ने की थी. एक कमरे में छोटे छिद्र के माध्‍यम से जब प्रकाश की किरण कमरे में प्रवेश करती है, तब भी वहाँ पर हम टिंडल प्रभाव को देख सकते हैं, जब हवा में समाहित धूल के कण प्रकाश की किरणों में दिखने लगते हैं. इसके अतिरिक्‍त टिंडल प्रभाव का एक अन्‍य उदाहरण एक घने वन में सूर्य की किरणों का आच्‍छादन है. वन में कोहरे के छोटे छोटे जल कण होते हैं, जो कोलाइड कणों के समान व्‍यवहार करते हैं.

कोलाइडयन विलयन के तीन उप-वर्गीकरण हैं: झाग (फोम्‍स, Foams), इमल्‍शन्‍स (emulsions) और सोल्‍स (Sols).

  • एक फोम का निर्माण किसी तरल में एक गैस के मिश्रण से होता है, जिससे परिणामी विलयन झागदार हो जाता है. इस का एक उदाहरण शेविंग क्रीम है.

  • एक इमल्‍शन दो तरल पदार्थ का एक ऐसा मिश्रण है, जिसमें एक तरल पदार्थ दूसरे पदार्थ में समान रूप से वितरित होता है. इस का एक उदाहरण दूध है.

  • एक सोल का निर्माण किसी तरल पदार्थ में किसी ठोस पदार्थ का वितरण समान रूप से होता है. इसके उदाहरण रक्त, पेंट, और चांदी एक्वासोल आदि हैं.